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सिलेबस डेवलपमेंट सेल प्रकोष्ठ की तरफ से कार्यशाला का आयोजन।

Published on: 13 May 2026

*सिलेबस डेवलपमेंट सेल प्रकोष्ठ की तरफ से कार्यशाला का आयोजन।*

 

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में चल रहे विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं कोर्स को संशोधित करके उसे वर्तमान में औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी द्वारा गठित की गई प्रकोष्ठ द्वारा आज पाठ्यक्रम विकास के संबंध में एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विषयों एवं विभागों द्वारा चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों को पूर्णतया संशोधित करके उनकी संरचना में एकरूपता लाया जाना और साथ ही प्रोग्राम से संबंधित लर्निंग आउटकम्स विकसित करना एवं इसका संबंधित कोर्स के साथ मिलान करने के संबंध में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित करना था। इस कार्यशाला की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह द्वारा की गई जिन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम उसके शैक्षणिक ढांचे का मूल आधार होता है इसलिए इसे ठीक प्रकार से विकसित करना अत्यंत आवश्यक होता है। इसमें अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार, निदेशक, आइक्यूएसी प्रोफेसर विकास बत्रा एवं निदेशक, शोध एवं विकास, प्रोफेसर पंकज त्यागी भी उपस्थित रहे।पाठ्यक्रम विकास प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. विपिन द्वारा सभी का स्वागत किया गया। उन्होंने नवीन पाठ्यक्रम में अपेक्षित विशेषताओं और इसे विकसित करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला की सह-संयोजक डॉ. मीरा भांभा ने अंडर ग्रैजुएट प्रोग्राम और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत आने वाले विभिन्न कोर्सों के बारे में बताया और इसके साथ ही नवीन पाठ्यक्रम के लिए विकसित किया जा रहे विभिन्न परफॉर्मा को किस प्रकार से भरा जाना है, इस संबंध में प्रशिक्षण दिया। डॉ. ममता अग्रवाल ने कोर्स लर्निंग आउटकम प्रोग्राम आउटकम्स और ब्लूम टैक्सनॉमी आदि के संबंध में विस्तार से बताया और साथ ही विभिन्न शिक्षकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए। विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार ने इस कार्यशाला को अत्यंत सफल बताया और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से विश्वविद्यालय को समसामयिक आवश्यकताओं के अनुसार उच्च श्रेणी का पाठ्यक्रम विकसित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने जोर दिया कि इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से होने चाहिए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के विभाग के अध्यक्ष एवं शिक्षक उपस्थित रहे।